Donald Trump impeachment proceeding: House Dems make constitutional case

The 55-page majority staff report reviews the historical record on impeachment as envisioned by the drafters of the US Constitution, which was the subject of a hearing this week

The 55-page majority staff report reviews the historical record on impeachment as envisioned by the drafters of the US Constitution, which was the subject of a hearing this week

उन्नाव: ऐक्शन में सरकार, दो दरोगा समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित

उन्नाव के एसपी विक्रांत वीर ने केस में लापरवाही बरतने के आरोप में बिहार थाना प्रभारी अजय त्रिपाठी समेत दो दरोगाओं को सस्पेंड किया है। इसके अलावा 4 सिपाहियों को भी निलंबित किया है। एसपी ने सर्विलांस व स्वात टीम प्रभारी विकास पांडेय को बिहार थाने की कमान सौंपी है।

उन्नाव के एसपी विक्रांत वीर ने केस में लापरवाही बरतने के आरोप में बिहार थाना प्रभारी अजय त्रिपाठी समेत दो दरोगाओं को सस्पेंड किया है। इसके अलावा 4 सिपाहियों को भी निलंबित किया है। एसपी ने सर्विलांस व स्वात टीम प्रभारी विकास पांडेय को बिहार थाने की कमान सौंपी है।

Last rites of Unnao rape victim performed amid heavy security after assurance from police

The last rites of the Unnao rape victim, who succumbed to her injuries on late Friday night, were conducted by her family at her native village amidst heavy security on Sunday, after receiving assurance from the administration that all their demands w…

The last rites of the Unnao rape victim, who succumbed to her injuries on late Friday night, were conducted by her family at her native village amidst heavy security on Sunday, after receiving assurance from the administration that all their demands will be met.

Government committed to reforms in IPC, CrPC: Union Home Minister Amit Shah

The reaffirmation was made at the three-day 54th annual conference of all Directors-General of Police (DGP) and Inspectors-General of Police (IGP) addressed by Prime Minister Narendra Modi and Union Home Minister Amit Shah.
 

The reaffirmation was made at the three-day 54th annual conference of all Directors-General of Police (DGP) and Inspectors-General of Police (IGP) addressed by Prime Minister Narendra Modi and Union Home Minister Amit Shah.  

आग से सुरक्षित नहीं संसद समेत VIP इमारतें!

दिल्ली की घनी आबादी वाले इलाकों को तो छोड़ ही दीजिए लुटियन्स इलाके की हाई सिक्यॉरिटी बिल्डिंग भी फायर सेफ्टी के मामले में बहुत पीछे हैं। इनमें संसद भवन और वायु भवन जैसी इमारतें शामिल हैं।

दिल्ली की घनी आबादी वाले इलाकों को तो छोड़ ही दीजिए लुटियन्स इलाके की हाई सिक्यॉरिटी बिल्डिंग भी फायर सेफ्टी के मामले में बहुत पीछे हैं। इनमें संसद भवन और वायु भवन जैसी इमारतें शामिल हैं।

आईफोन से आईपैड तक, फ्लिपकार्ट पर डिस्काउंट

सेल के दौरान फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड पर 5 प्रतिशत अनलिमिटेड कैशबैक और एक्सिस बैंक बज क्रेडिट कार्ड पर 5 प्रतिशत कैशबैक मिलेगा।

सेल के दौरान फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड पर 5 प्रतिशत अनलिमिटेड कैशबैक और एक्सिस बैंक बज क्रेडिट कार्ड पर 5 प्रतिशत कैशबैक मिलेगा।

Someone has to take responsibility: Gautam Gambhir on Delhi Anaj Mandi fire

At least 43 people were killed after a massive fire broke out in a factory operating from a residential area when the blaze broke out in Anaj Mandi area on Rani Jhansi Road on Sunday morning, police said. Sixteen people are said to be injured in the tr…

At least 43 people were killed after a massive fire broke out in a factory operating from a residential area when the blaze broke out in Anaj Mandi area on Rani Jhansi Road on Sunday morning, police said. Sixteen people are said to be injured in the treatment and are being treated at Delhi`s Lok Nayak Hospital and Lady Hardinge hospitals.

महत्वपूर्ण अधिकारियों के बिना बजट की तैयारी

1 फरवरी 2020 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना दूसरा बजट पेश करेंगी। बजट बनाने की तैयारी जोरों पर है, लेकिन इस टीम में एक्सपेंडिचर सेक्रटरी और बजट के जॉइंट सेक्रटरी का पद खाली है।

नई दिल्ली मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे आम बजट की तैयारी जोरों पर है। लेकिन इस महत्वपूर्ण समय में वित्त मंत्रालय की बजट टीम में दो अहम सदस्यों की कमी बनी हुई है। एक्सपेंडिचर सेक्रटरी और बजट के जॉइंट सेक्रटरी का पद भी पिछले तीन महीने से खाली पड़ा है। आम बजट एक फरवरी, 2020 को पेश किया जाना है। गिरते ग्रोथ रेट को रोकने की चुनौती इस बजट को लेकर काफी उम्मीदें हैं। हर वर्ग को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। ग्रोथ रेट लगातार घट रहा है और सरकार की चुनौती पहले इस पर लगाम कसना है फिर अर्थव्यवस्था को सुधार की ओर ले जाना है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ग्रोथ रेट घटकर 4.5 फीसदी पर पहुंच गया जो पिछले छह सालों के न्यूनतम स्तर पर है। इनकम टैक्स रेट में राहत की उम्मीद हाल ही में वित्त मंत्री ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था कि आर्थिक गतिविधि में तेजी लाने के लिए सरकार की तरफ से तमाम कोशिशें की जा रही हैं। इनकम टैक्स रेट को लेकर उन्होंने कहा था कि इसमें भी सुधार की गुंजाइश है और टैक्स रेट घटाने पर विचार किया जा रहा है। खासकर कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती के बाद से इसकी मांग और तेज हो गई है। अतनु चक्रवर्ती को व्यय विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी खाली पदों की बात करें तो बजट जॉइंट सेक्रटरी का बजट बनाने में बहुत अहम योगदान होता है। जी सी मुर्मू को नवगठित संघ शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद से एक्सपेंडिचर सेक्रटरी का भी पद खाली पड़ा है। मुर्मू ने 29 अक्टूबर को पद छोड़ा था। उसके बाद अतनु चक्रवर्ती को व्यय विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। निर्मला सीतारमण का यह दूसरा बजट होगा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह दूसरा बजट होगा। गिरती विकास दर में सुधार लाना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है। हाल ही में रिजर्व बैंक नें चालू वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। वित्त मंत्री ने कहा था कि उनकी कोशिश उपभोग में तेजी लाने की है। इसके लिए हम लोगों के हाथों में ज्यादा पैसा पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा बैंकों को भी ज्यादा से ज्यादा कर्ज बांटने को कहा गया है।

पवार को ‘क्लीन चिट’, ऐफिडेविट में बड़ा खुलासा

एनसीपी नेता अजित पवार को सिंचाई घोटाले में क्लीन चिट मिलने के मामले में एसीबी के ऐफिडेविट में यह सामने आया है कि देवेंद्र फडणवीस सरकार के ही मंत्री के लेटर के आधार पर ही क्लीन चिट दी गई है।

मुंबई महाराष्ट्र के सिंचाई घोटाले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी () नेता को ऐंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने क्लीन चिट दे दी है। अब हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में दाखिल किए गए एक ऐफिडेविट में यह बात सामने आई है कि इस सबके पीछे की सरकार का हाथ रहा है। ये ऐफिडेविट ने 27 नवंबर 2019 को हाई कोर्ट में दाखिल किए थे। बता दें कि अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस की सरकार बनवाने के लिए समर्थन दिया था और खुद भी उपमुख्यमंत्री बने थे। ऐफिडेविट के मुताबिक, तत्कालीन जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन के नेतृत्व में एसीबी ने मामले में जांच शुरू की। 10 सितंबर 2018 और 11 जून 2019 के लेटर्स में यह बात सामने आई कि अगर टेंडर कॉस्ट लागत से 5 पर्सेंट ज्यादा रखी जाती है तो फैसला एग्जिक्युटिव डायरेक्टर द्वारा लिया जाता है। वहीं, अगर यह 5 पर्सेंट से 15 पर्सेंट के बीच में होती है तो प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में बनी एग्जिक्युटिव कमिटी इसपर फैसला लेती है। अगर टेंडर कॉस्ट 15 पर्सेंट से भी ज्यादा होती है तो प्लानिंग और फाइनैंस विभाग के सचिवों की कमिटी इसपर फैसला लेती है। पढ़ें: एसीबी ने कहा था- अजित पवार नहीं हैं जिम्मेदार एसीबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस मामले में विदर्भ सिंचाई विकास परिषद (वीआईडीसी) के चेयरमैन की कोई भूमिका नहीं है। ऐसे में उन्हें इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। बाद में यह भी स्पष्टीकरण दिया गया कि प्रशासनिक अनुमति देने और मोबिलाइजेशन अडवांस (अडवांस पेमेंट) की अनुमति देने में राज्य सरकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि जल संसाधन मंत्रालय द्वारा एसीबी को भेजे गए लेटर के आधार पर ही अजित पवार को क्लीन चिट दी गई है। बता दें कि इस कथित 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले के समय अजित पवार ही जल संसाधन मंत्री थे और वीआईडीसी के चेयरमैन भी, जिसके चलते उनका नाम सामने आया था। पढ़ें: पहले और अब के ऐफिडेविट में दिखीं अलग-अलग बातें जानकारी के मुताबिक, एसीबी की अमरावती और नागपुर ब्रांच ने बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में ये ऐफिडेविट दाखिल किए हैं। ये दोनों क्लीन चिट देने के मामले में लगभग एक जैसी ही हैं। एक साल पहले ही एसीबी ने जो ऐफिडेविट दाखिल किया था, ये ऐफिडेविट उससे बिलकुल उलट हैं। उस समय ये ऐफिडेविट एसीबी निदेशक संजय बरवे द्वारा दाखिल किए गए थे। संजय बरवे ने 26 नवंबर 2018 को रिपोर्ट में कहा था कि एसीबी ने सिंचाई घोटाले में अजित पवार की भूमिका की बारीकी से जांच की है। हालांकि, 27 नवंबर 2019 को नागपुर के एसीबी सुपरिंटेंडेंट रश्मि नांदेड़कर और अमरावती एसीबी सुपरिंटेंडेंट श्रीकांत धिरवे के ऐफिडेविट में कहा गया है कि इस मामले में अजित पवार की कोई भूमिका नहीं है। एसीबी के निदेशक परमबीर सिंह ने कहा कि नागपुर और अमरावती एसीबी द्वारा फाइल किए गए ऐफिडेविट सबूतों और जल संसाधन मंत्रालय के पत्रों के आधार पर दिए गए हैं। जनहित याचिका में टेंडर कॉस्ट और अडवांस पेमेंट को लेकर उठे सवाल इस मामले में दायर की गई जनहित याचिका में मुख्यत: दो आरोप लगाए गए हैं। पहला: टेंडर कॉस्ट को लेकर दी गई अनुमति और उसी में रिवाइज्ड प्रशासनिक अनुमति। दूसरा: टेंडर बुकलिस्ट में जिक्र ना होने के बावजूद ठेकेदार को अडवांस पेमेंट दिए जाने की अनुमति। संजय बरवे ने अपने ऐफिडेविट में कहा था कि एसीबी ने कई सिंचाई प्रॉजेक्ट्स का अध्ययन किया, जोकि वीआईडीसी और कोंकण सिंचाई विकास परिषद के अंतर्गत थे। इन प्रॉजेक्ट में देरी, लागत में बढ़ोतरी और प्रॉजेक्ट के उद्देश्य को लेकर सवाल उठे। बरवे ने अपने ऐफिडेविट में कहा कि इन प्रॉजेक्ट्स में कई सारी अनियमितताएं सामने आईं। इस मामले में अजित पवार कहते हैं कि उन्होंने सचिव स्तर के अधिकारियों के सुझाव पर फैसले लिए। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर फैसले फील्ड लेवल पर लिए। संजय बरवे ने इस मामले में यह कहा था कि मंत्री यानी कि अजित पवार ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए अधिकारियों पर फैसले थोपे। पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में कहा था, 'मुझे 100 पर्सेंट भरोसा है कि हाई कोर्ट नागपुर एसपी के ऐफिडेविट को खारिज कर देगा। नियमों के खिलाफ टेंडर के दाम बढ़ाए गए थे और मोबिलाइजेशन की अनुमति भी गैरकानूनी रूप से दी गई थी।'

दिल्ली: पीछे आग, आगे खाई… न कूदे न बचे, दर्दनाक मौतें

इस दर्दनाक मौत का शिकार होने वाला भूरा अकेला नहीं था। अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड इस तरह की कहानियों से भरा पड़ा था। साजिद व मोहम्मद मोहसिन, उन लोगों में से हैं जो आग लगने पर गहरी नींद में थे। नाम उजागर न करते हुए उनके एक परिजन ने कहा, ‘जब आग लगी, तो किसी को भी बचने का कोई मौका नहीं मिला।’

इस दर्दनाक मौत का शिकार होने वाला भूरा अकेला नहीं था। अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड इस तरह की कहानियों से भरा पड़ा था। साजिद व मोहम्मद मोहसिन, उन लोगों में से हैं जो आग लगने पर गहरी नींद में थे। नाम उजागर न करते हुए उनके एक परिजन ने कहा, ‘जब आग लगी, तो किसी को भी बचने का कोई मौका नहीं मिला।’