सौतेली माँ की प्रताडऩा से अनिल ने घर छोड़ा

ग्राम कचंदा में मेरी मुलाकात 14 वर्ष के एक पैर से विकलांग बच्चे से हुई। उसका नाम अनिल है। उसके पिताजी का नाम महंगू साहू और माता का नाम जानकी बाई है।

ग्राम कचंदा में मेरी मुलाकात 14 वर्ष के एक पैर से विकलांग बच्चे से हुई। उसका नाम अनिल है। उसके पिताजी का नाम महंगू साहू और माता का नाम जानकी बाई है।

पढ़ाई के साथ-साथ दवाखाना में काम करता है भानुप्रकाश

मैं अपने रिश्तेदार के यहाँ कोटागाँव गई थी। मुझे उनके घर के सामने वाले घर में एक 15 वर्ष का लड़का डॉक्टर का बैग पकड़कर अन्दर जाते हुए दिखा। वहाँ जाकर उस लड़के से कुछ जानकारी ली जो इस प्रकार है –

मैं अपने रिश्तेदार के यहाँ कोटागाँव गई थी। मुझे उनके घर के सामने वाले घर में एक 15 वर्ष का लड़का डॉक्टर का बैग पकड़कर अन्दर जाते हुए दिखा। वहाँ जाकर उस लड़के से कुछ जानकारी ली जो इस प्रकार है -

नन्ही नील कुमारी पेट की खातिर रस्सी पर चलती है

एक दिन हम बाल पत्रकारों की टीम कुरुद नगर भ्रमण के लिए निकली थी।

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